Shiv Chalisa in Hindi Lyrics हिंदी में पढ़ें पवित्र श्री शिव चालीसा

शिव चालीसा एक प्रसिद्ध हिन्दू धार्मिक भजन है जो भगवान शिव की महिमा और महत्व को गाता है। यह चालीसा शिव भक्ति में लोगों की श्रद्धा और आस्था को प्रकट करता है और उन्हें दिव्यता की अनुभूति प्रदान करता है। शिव चालीसा को संगीत और भजन के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जिससे इसे सुनने वालों को आनंद और शांति की अनुभूति होती है।

शिव चालीसा का रचयिता तुलसीदास हैं, जो एक प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार और संत थे। उन्होंने शिव चालीसा को लिखा था जो भगवान शिव की महिमा और गुणों की महानता को व्यक्त करता है। इस चालीसा के गाने से शिव भक्त अपनी भक्ति में रमते हैं और उन्हें आध्यात्मिक उद्दीपन मिलता है।

हिंदी में पढ़ें पवित्र श्री शिव चालीसा Shiv Chalisa in Hindi Lyrics
Shiv Chalisa in Hindi Lyrics

हिंदी में पढ़ें पवित्र श्री शिव चालीसा

दोहा
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।
कहत आयो भजन तुम्हारा, जय शिव ओंकारा॥

चौपाई
मांगल मूरति मारुत नंदन, सखा भृंगि कहत भवन्दन।
जय गिरिजा पालन करता, सदा मंगल मातु की जय॥१॥

जय गिरिराज कृपालु नाग, जय शिवाराध्य नंदिनी विहार।
जय भवनी जो दाता, संकट हरन मंगल कारण कुंवर॥२॥

जय शम्भू अमित विक्रम, भाल चंद्रमा बिन्हु सुखनामा।
नंदी भ्रिंगि शिर गैन चारी, करत सदा ध्यान चंद्र हारी॥३॥

कनक समान कला विराजत, अलक बनमाला बिना सुंदरी।
कानन कुंडल नागफनि की, अजवैद्य भूषण शुंदरी॥४॥

जय भक्ति प्रदायक शिव जी, जय गिरिराज जो जिन्हे धारा।
मन वांछित फल पावत श्रध्दा धरे जो सुधा नाम तिहारा॥५॥

जो ध्यावहिं शंकर नाम तिहारा, प्रेम सहित सहस भोग करा।
पुत्र की निंदा कराहु नाही, वैद्यक तन पाय शंकर महारा॥६॥

सुंदर शरीर अमृत सोहे, गांध मद कमल दल छाहे।
कालाधि कालेश भजत चित्त हरन, काम क्रोध मद लोभ जो कोहन॥७॥

अष्ट सिद्धि नौविधि करत, दाता असी नवनिधि के धारा।
अस बरदान जीवन दाता, अगम निगम भवन सिखारा॥८॥

कर में कंचन चरण चवर धारी, योगिराज ध्यान गुणगान करत जिहाँ।
ब्रह्मादिक सम नाहिं खगारा, लीन्ह बिदित जले शंकर प्यारा॥९॥

त्रिगुण स्वामी जी आतम अली, सदा निरंतर गुणगान करी।
सनकादिक ब्रह्मा आदिक, नारद शारद सहित अही भारी॥१०॥

आदित्यादिक सम है जगदीश, त्रिनयन मूरति भगवान भाग्यवान तीस।
अधार शिवजी अभेद न स्वामी, चिदानंद रूप जय जगदीश॥११॥

चलीसा पाठ करै जो कोई, होय सिद्धि साकी गौरीसुत महरा।
बालक पावन आवै तन धारी, बामां सम हो ज्ञान विहारा॥१२॥

दोहा
मंगल भवन अमंगल हारा, द्रवहिं सो अवध पुरी पारा।
जो जन श्री गिरिराज की, कहत हैं जन विधि विवेक वारा॥

जय शिव ओंकारा, हरे शिव ओंकारा।

Shiv Chalisa in Hindi Lyrics

Doha:
Jai Ganesh Girija Suvan, Mangal Mool Sujan,
Kahat Aayo Bhajan Tumhara, Jai Shiv Omkara.

Chaupai:
Mangal Murati Marut Nandan, Sakha Bhringi Kahat Bhavandan,
Jai Girija Palan Kartaa, Sada Mangal Maatu Ki Jai.

Jai Giriraj Kripalu Naag, Jai Shiv Aradhya Nandini Vihara,
Jai Bhavani Jo Daata, Sankat Haran Mangal Kaaran Kumvar.

Jai Shambhu Amit Vikram, Bhal Chandrama Binh Su-Khanama,
Nandi Bhringi Shira Gaaye Chaari, Karat Sada Dhyan Chandr Haari.

Kanak Samaan Kala Virajat, Alak Banamala Bina Sundari,
Kanan Kundal Nagphani Ki, Aj Vaidya Bhushan Sundari.

Jai Bhakti Pradayak Shiv Ji, Jai Giriraj Jo Jinh Dhara,
Man Vanchhit Phal Paavat Shradhha Dhare Jo Sudha Naam Tihara.

Jo Dhyaavahi Shankar Naam Tihara, Prem Sahit Sahas Bhog Kara,
Putr Ki Ninda Karahu Naahi, Vaidya Tan Paav Shankar Mahara.

Sundar Shareer Amrit Sohe, Gaandh Mad Kamal Dal Chahe,
Kaalaadhi Kaalish Bajat Chitt Haran, Kaam Krodh Mad Lobh Jo Kohan.

Ashta Siddhi Nav Nidhi Ke Daata, Asi Baran Jivan Daata,
Agam Nigam Bhawan Sikhara, Kar Mein Kanchan Charan Chhavara.

Brahmaadik Sam Nahin Khagaara, Leen Bidit Jale Shankar Pyaara.
Trigun Swami Ji Aatam Ali, Sada Nirantar Gun Gaan Kari.

Sanakaadik Brahma Aadik, Narad Shaarad Sahit Ahi Bhaari.
Aadityaadik Sam Hai Jagdisha, Trinayan Moorti Bhagwan Bhagyavanta Tees.

Adhaar Shiv Ji Abhed Na Swami, Chidaanand Roop Jay Jagdish.

Chalisa Paath Karai Jo Koi, Hoi Siddhi Saaki Gauri Sut Mahara.
Balak Paavan Aavai Tan Dhari, Bamaan Sam Ho Gyan Vihara.

Doha:
Mangal Bhawan Amangal Haari, Dravahu So Avadh Puri Paari.
Jo Jan Shri Giriraj Ki, Kahat Hai Jan Vidhi Vivek Vaari.

Jai Shiv Omkara, Hare Shiv Omkara.

Shiv Chalisa Pdf in English

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पवित्र श्री शिव चालीसा पीडीऍफ़ में(shiv chalisa in hindi pdf)

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शिव चालीसा का पाठ करने के कई फायदे होते हैं:

  1. आत्मिक शांति: शिव चालीसा का पाठ करने से मन और आत्मा में शांति और संतोष की अनुभूति होती है। इसके श्लोकों में गुण और महिमा का गान करने से आत्मा को प्राप्त होने वाली सुकून मिलती है।
  2. कष्टों का निवारण: शिव चालीसा का पाठ करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है, जिससे सभी कष्टों और संकटों से मुक्ति मिलती है। भक्त अपनी सारी समस्याओं को हल करने के लिए इसे प्रार्थना करते हैं।
  3. आध्यात्मिक उन्नति: शिव चालीसा का पाठ करने से भक्त की आध्यात्मिक उन्नति होती है। इसके श्लोकों का समय-समय पर ध्यान और उनका अध्ययन करने से वे अपने आत्मज्ञान में वृद्धि करते हैं।
  4. भक्ति और श्रद्धा की उत्तेजना: शिव चालीसा का पाठ करने से भक्तों की भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि होती है। इसके माध्यम से वे अपनी आराध्य देवता के प्रति अधिक समर्पित और प्रेमी बनते हैं।
  5. अध्यात्मिक संवाद: शिव चालीसा का पाठ करने से भक्त अपने मन में भगवान शिव के साथ आत्मिक संवाद करते हैं। इसके श्लोकों को सुनकर और पढ़कर उन्हें अपने आत्मा का आध्यात्मिक साथी महसूस होता है।

इस चालीसा के बारे में बहुत से प्रश्न होते हैं, जैसे:

शिव चालीसा कब और कैसे रची गई थी?

शिव चालीसा को संगीतमय रूप में रचा गया था और इसे तुलसीदास ने रचा था। उनके गहरे आध्यात्मिक अनुभवों और भगवान शिव के प्रति अटल भक्ति के प्रेरणानुसार, यह चालीसा बनी थी।

शिव चालीसा की उपयोगिता क्या है?

शिव चालीसा का पाठ करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और भक्त को आत्मिक शांति और संतोष मिलता है। यह चालीसा भक्तों को उनकी आराध्य देवता के प्रति गहरी भक्ति और श्रद्धा में लगातार उत्साहित करती है।

शिव चालीसा की महत्ता क्या है?

शिव चालीसा का पाठ करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है, जो भक्त को सभी कष्टों से मुक्ति दिलाती है और उसे धार्मिक उन्नति की ओर ले जाती है।

श्री शिव चालीसा हिंदी में वीडियो

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